10% आरक्षण के बावजूद नियुक्ति न मिलने पर राज्य आंदोलनकारियों का अनशन सातवें दिन भी जारी

10% आरक्षण के बावजूद नियुक्ति न मिलने पर राज्य आंदोलनकारियों का अनशन सातवें दिन भी जारी
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिए जाने संबंधी अधिनियम लागू होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं मिलने के विरोध में शहीद स्मारक, देहरादून में चल रहा क्रमिक अनशन रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सरकार और शासन-प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की।

आज के क्रमिक अनशन में चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति उत्तराखंड के केंद्रीय महामंत्री नवीन नैथानी, रामकिशन (विकासनगर), विकास रावत (उत्तरकाशी) और शैलेश सेमवाल (ऋषिकेश) शामिल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्ष 2024 में आरक्षण संबंधी अधिनियम पारित होने के बावजूद अब तक केवल सात राज्य आंदोलनकारियों को ही नियुक्ति मिल सकी है, जबकि अनेक अभ्यर्थी सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों के परीक्षा परिणाम भी अभी तक घोषित नहीं हुए हैं।

अनशनकारियों ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को गंभीरता से पहल करनी चाहिए और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

अनशन स्थल पर राज्यभर से विभिन्न आंदोलनकारी संगठनों का समर्थन लगातार मिल रहा है। कई संगठनों ने जिला स्तर पर भी सरकार को ज्ञापन भेजकर चयनित राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को शीघ्र नियुक्ति देने की मांग उठाई है।

आज समर्थन देने वालों में राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, राज्य आंदोलनकारी कर्मचारी कल्याण संगठन के अध्यक्ष संतन सिंह रावत, ललित जोशी, चमन सिंह, राजेंद्र सिंह बिष्ट, मनमोहन सिंह नेगी, अभिषेक रावत, एडवोकेट अनूप सिंह बिष्ट, प्रभात डंडरियाल, अंशुल कनिष्क जोशी, मीरा गोसाई, सुरेंद्र सिंह तथा संयुक्त मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा सहित अनेक आंदोलनकारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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