निवेश परियोजनाओं में देरी पर मुख्य सचिव सख्त, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवालय में सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत निवेश से संबंधित राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति की 65वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग द्वारा स्वीकृत नए निवेश प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया तथा उन्हें संस्तुति प्रदान की गई।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जनपद स्तर पर भूमि उपयोग परिवर्तन (धारा 143) और धारा 154 से संबंधित मामलों के निस्तारण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंगल विंडो प्रणाली से जुड़े प्रकरणों का सक्रियता और प्राथमिकता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि निवेशकों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।
मुख्य सचिव ने सचिव उद्योग को भी निर्देशित किया कि लंबित मामलों में देरी के कारणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो प्रणाली के अंतर्गत विभिन्न विभागों से मिलने वाली स्वीकृतियों और क्लीयरेंस के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है और सभी विभागों को उसी अवधि के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रथम एवं द्वितीय चरण के सभी लंबित निवेश संबंधी प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा कर निवेशकों का विश्वास मजबूत किया जाए।
बैठक में सचिव विनय शंकर पांडे. षणमुगम , सी . रविशंकर, विशेष सचिव पराग मधुकर धताते, अपर सचिव सौरभ गहरवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

