टिहरी डैम में आतंकवादी हमले की सूचना से मचा हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त मॉक ड्रिल में परखी तैयारियां

टिहरी। टिहरी डैम जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रतिष्ठान की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए सोमवार को आतंकवादी हमले की काल्पनिक स्थिति पर संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान आतंकवादी हमले की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया तथा घेराबंदी, तलाशी, आतंकवादियों के विरुद्ध कार्रवाई, बम निरोधक कार्रवाई, अग्निशमन और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के निर्देशन में आयोजित मॉक ड्रिल में टिहरी पुलिस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, आतंकवाद निरोधक दस्ता, स्थानीय अभिसूचना इकाई, अग्निशमन सेवा, चिकित्सा और बम निरोधक दस्ते की टीमें शामिल रहीं। अभ्यास का उद्देश्य संभावित आतंकवादी हमले अथवा किसी अन्य आकस्मिक आपात स्थिति में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और सूचना तंत्र की प्रभावशीलता को परखना था।
मॉक ड्रिल के दौरान काल्पनिक रूप से पुलिस को सूचना मिली कि टिहरी डैम पर तीन आतंकवादियों ने हमला कर दिया है। अंधाधुंध फायरिंग और आईईडी विस्फोट में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का एक जवान शहीद तथा एक जवान घायल होने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल अलर्ट किया गया और घटनास्थल की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय की गई।
अभ्यास के तहत आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया गया और काल्पनिक रूप से तीनों आतंकवादियों को मार गिराया गया। घायल जवान को प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई का भी अभ्यास किया गया। इसके माध्यम से चिकित्सा आपात स्थिति और बचाव दल की तत्परता को परखा गया।
स्थानीय अभिसूचना इकाई ने सूचना एवं खुफिया तंत्र से जुड़ी कार्रवाई का अभ्यास किया, जबकि आतंकवाद निरोधक दस्ते ने आतंकवादी हमले की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और अभियान संबंधी कार्रवाई को परखा। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की टीम ने डैम की सुरक्षा, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं की निगरानी तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप कार्रवाई का अभ्यास किया।
बम निरोधक दस्ते ने संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक मिलने की स्थिति में मौके पर पहुंचकर जांच और निस्तारण की प्रक्रिया का अभ्यास किया। अग्निशमन दल ने संभावित आग की स्थिति से निपटने, अग्निशमन और बचाव अभियान की तैयारियों को परखा। टिहरी पुलिस ने घेराबंदी, पुलिस बल की तैनाती, यातायात एवं भीड़ नियंत्रण तथा सभी एजेंसियों के बीच समन्वय की व्यवस्थाओं का परीक्षण किया।
मॉक ड्रिल के दौरान घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने, घटनास्थल को सुरक्षित करने और संभावित खतरे को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत त्वरित और समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार, मॉक ड्रिल का उद्देश्य आतंकवादी हमले की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय एवं संचार, संवेदनशील प्रतिष्ठान की सुरक्षा व्यवस्था, संदिग्ध वस्तु मिलने पर बम निरोधक दस्ते की कार्रवाई, अग्निशमन एवं बचाव व्यवस्था तथा घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की तैयारियों को परखना था। साथ ही अभ्यास के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल के दौरान दिखाई गई आतंकवादी घटना, तीन आतंकवादियों के मारे जाने तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान के शहीद और एक के घायल होने की स्थिति पूरी तरह काल्पनिक और अभ्यास का हिस्सा थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में हुए इस संयुक्त अभ्यास के माध्यम से टिहरी डैम की सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों एवं आपसी समन्वय को परखा गया।


