मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक, आपदा न्यूनीकरण व बाढ़ सुरक्षा के कई प्रस्तावों को मंजूरी
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न जनपदों से प्राप्त प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान करते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्ताव जनपद स्तरीय समिति की संस्तुति के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से ही समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने सिंचाई विभाग को नदियों की डेजिंग/माइनिंग की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही बाढ़ सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावों को तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) की संस्तुति के बाद ही प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने बार-बार कटान से प्रभावित नदियों की पहचान कर उनके चैनलाईजेशन की योजना बनाने तथा सितारगंज क्षेत्र में बैगुल नदी के अध्ययन के निर्देश भी दिए।
बैठक में नैनीताल, पिथौरागढ़, हरिद्वार, अल्मोड़ा, उत्तरकाशी, देहरादून सहित विभिन्न जनपदों में भूस्खलन रोकथाम, ड्रेनेज, सड़क सुरक्षा और बाढ़ सुरक्षा से संबंधित कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें चार्टन लॉज (नैनीताल) की भू-स्खलन सुरक्षा, धारचूला क्षेत्र में ड्रेनेज कार्य, मनसा देवी हिल बाईपास रोड (हरिद्वार) के सुधार कार्य सहित अनेक योजनाएं शामिल हैं।
देहरादून जनपद में रायपुर, डोईवाला, कैंट और सहसपुर क्षेत्रों में टौंस व दुल्हनी नदियों से संबंधित बाढ़ सुरक्षा और सुरक्षात्मक दीवार निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई।
इसके अतिरिक्त राज्य आपदा मोचन निधि के अंतर्गत विभिन्न मदों में कुल 34 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियों को कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री विनोद कुमार सुमन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

