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अंकिता हत्याकांड की जांच भटकाने का प्रयास कर रही उत्तराखंड की भाजपा सरकार: कांग्रेस

अंकिता हत्याकांड की जांच भटकाने का प्रयास कर रही उत्तराखंड की भाजपा सरकार: कांग्रेस
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को जानबूझकर भटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा किए जाने के 15–17 दिन बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सरकार ने वास्तव में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है या नहीं।

कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता की राय लेकर दोबारा जांच कराने की सार्वजनिक घोषणा की थी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अंकिता के माता-पिता ने लिखित रूप में दोषियों को फांसी देने, मामले में शामिल वीआईपी का नाम उजागर करने तथा सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की घोषणा की।


गोदियाल ने कहा कि स्वाभाविक रूप से पीड़ित परिवार के प्रार्थना पत्र के आधार पर ही सीबीआई जांच की संस्तुति की जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने पीड़ित परिवार की बजाय एक तीसरे पक्ष द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच कराने की बात कही, जिससे जांच को कमजोर करने का संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा सीबीआई को भेजा गया प्रतिवेदन अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और न ही सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार नई एफआईआर के आधार पर वीआईपी की भूमिका को काल्पनिक बताते हुए उसकी जांच कराना चाहती है, जबकि यह यथार्थ है कि एक वीआईपी को सेवा देने से इनकार करने पर एक युवती की जान गई। गोदियाल ने कहा कि जब कांग्रेस ने इस तथ्य के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की तो सरकार पीछे हटती नजर आई।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों को बचाने के उद्देश्य से सरकार ने आरोपियों द्वारा स्वयं की गई नार्को टेस्ट की मांग का अदालत में विरोध किया, जो आपराधिक मामलों में दुर्लभ है। इससे आशंका होती है कि नार्को टेस्ट में सत्ताधारी दल से जुड़े नाम सामने आ सकते थे।
गणेश गोदियाल ने जांच के सभी बिंदुओं को सार्वजनिक करने की मांग की और यह भी कहा कि इस मामले में एसआईटी की पूर्व प्रमुख, जो वर्तमान में सीबीआई में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं, को जांच प्रक्रिया से दूर रखा जाए।
इसके साथ ही उन्होंने उधम सिंह नगर में एक किसान की आत्महत्या का मामला उठाते हुए कहा कि मृतक ने पुलिस अधिकारियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था, इसके बावजूद संबंधित एसएसपी को मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। कांग्रेस ने मांग की कि उक्त अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

देवभूमि खबर

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