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चमोली में ईको नेचर गाइड प्रशिक्षण शुरू

चमोली में ईको नेचर गाइड प्रशिक्षण शुरू
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चमोली।जिले में पर्यटन को बढावा देने और पर्यटन की संभावनाओं को तलाशते हुए चमोली जनपद में पहली बार ‘‘ईको नेचर गाइड प्रशिक्षण’’ शुरू किया गया है। जिसमें युवाओं को बर्ड वाचिंग, फ्लोरा एवं फोना तथा माउंटेन मैनर्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले चरण में जनपद के 30 युवाओं को सात दिवसीय ईको नेचर गाइड प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो भविष्य में प्रकृति एवं पक्षी प्रेमी तथा पर्यटकों के गाइड बनकर पहाड़ी क्षेत्रों में फ्लोरा एवं फोना, बंर्ड वाचिंग तथा मांउटेन मैनर्स की जानकारी देकर खुद स्वरोजगार से जुड सकेंगे।  

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अभिनव पहल पर जिले में पहली बार पर्यटन विभाग के तत्वाधान में तथा सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केन्द्र गोपेश्वर के सहयोग से ‘‘ईको नेचर गाइड का विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने चयनित दल के सभी प्रशिक्षार्णियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यटकों की सुविधा के अनुसार एक गाइड को पूरे पैकेज के रूप में कार्य करना होगा। गाइड के पास वल्र्ड वाचिंग के साथ क्षेत्र के सभी होमस्टे, होटल, बस, टैक्सी आदि जरूरी संपर्क सूत्रों सहित पर्यटक स्थलों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। तभी हम किसी पर्यटक को लुभा सकते है और उनको कुछ दिन रोक सकते है। 
जिलाधिकारी ने कहा कि चमोली जनपद में पर्यटन की भरपूर संभावनाएं है। भवष्यि में रेलवे और आॅलवेदर सड़क चैडीकरण का काम पूरा होने पर बडी संख्या में टूरिस्ट यहाॅ आएंगे। कहा कि जनपद में पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए बाहर के लोग आज जिले में काम करना चाहते है तो क्यो न हम स्वयं यहाॅ पर अपना काम शुरू करें। उन्होंने मंडल वैली को एक पर्यटन सर्किट के रूप में तैयार करने की बात कही। कहा कि टूरिस्ट को वल्र्ड वाचिंग के साथ यहाॅ के सभी पर्यटक स्थलों की जानकारी दें और गुड मैनर्स के साथ उनका स्वागत करें। ताकि पर्यटक यहाॅ पर ज्यादा दिनों तक रूके और इसका आर्थिक रूप से फायदा मिले। युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण लेना ही पर्याप्त नही है बल्कि इसके पीछे कडी मेहनत और लगन होना भी आवश्यक है। कहा कि आॅनलाइन माध्यम से सभी युवा अपनी मार्केटिगं कर स्व्यं की पहचान भी बनाए।
 जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद सभी युवाओं का टेस्ट लेकर उनका रजिस्ट्रेशन करें तथा सभी को यूनिक आईडी जारी करते हुए आॅनलाइन मार्केटिंग में भी युवाओं को सहयोग करें। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को भी अपने अनुभवों को साझा करने एवं ट्रेनिंग प्रोग्राम को और बेहतर बनाने हेतु अपने सुझाव देने को कहा। इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को गाइड किट भी वितरित किए। जिसमें गाइड जैकेट, कैप, टार्च एवं अन्य वल्र्ड वाचिंग उपकरण शामिल है। 

मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए ‘‘ईको नेचर गाइड प्रशिक्षण’’ को पूरा करने के लिए शुभकामनाएं दी। साथ ही वल्र्ड वाचिंग क्षेत्र में पर्यटन हेतु एक प्लेटफार्म तैयार करने पर जोर दिया ताकि आने वाले पर्यटकों को आसानी से जानकारी मिल सके। सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास के प्रबध न्यासी ओम प्रकाश भट्ट ने जिले में पहली बार इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर जिला प्रशासन की मुक्त कंठ से सराहना की। कहा इससे युवाओं को एक सही दिशा मिलेगी। जिला पर्यटन अधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मंडल, केदार वैली, चोपता, बैनताल आदि स्थानों का भ्रमण कराया जाएगा। 

सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में फ्लोरा एवं फोना के एक्सपर्ट संदीप सेमवाल, वल्र्ड वाचिंग एक्सपर्ट हरपाल सिंह रावत, माउंटेन मैनर्स के एक्सर्पट विजय सिंह रौतेला के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर पीजी काॅलेज के प्रोफेसर डा0 विनय नौटियाल, प्रोफेसर डा0 अरविंद भट्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी बृजेन्द्र पांडे सहित सभी प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे।  

देवभूमि खबर

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