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ऐपण कला से सजे मिट्टी के दीये बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहीं हल्द्वानी की महिलाएं

ऐपण कला से सजे मिट्टी के दीये बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहीं हल्द्वानी की महिलाएं
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संवाददाता: ललित जोशी

नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने में प्रदेश की महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिला सशक्तीकरण, स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों से प्रेरित होकर महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर को आजीविका का माध्यम बना रही हैं।

इसी क्रम में हल्द्वानी का जय देवी मां स्वयं सहायता समूह दीपावली के अवसर पर एक अनूठी पहल कर रहा है। समूह की महिलाओं ने मिट्टी के साधारण दीयों को उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला से सजाकर आकर्षक रूप दिया है। महिलाओं द्वारा हाथों से तैयार किए गए इन दीयों पर पारंपरिक कलाकृतियां और सुंदर डिजाइन उत्तराखंड की लोकसंस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रहे हैं।

समूह की इस पहल का उद्देश्य दीपावली के पर्व को रोशन करने के साथ ही प्रदेश की पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना है। मिट्टी के दीयों पर ऐपण कला के माध्यम से आकर्षक डिजाइन तैयार कर महिलाएं अपनी रचनात्मकता को स्वरोजगार से जोड़ रही हैं। इससे उन्हें आमदनी के नए अवसर मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा मिल रहा है।

इस अवसर पर समूह से जुड़ी कविता बिष्ट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपने हुनर को पहचान दे रही हैं और आजीविका अर्जित कर रही हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ परिवार की जिम्मेदारियों में भी अपना योगदान दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।

जय देवी मां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का यह प्रयास इस बात का उदाहरण है कि पारंपरिक कला, स्थानीय संसाधनों और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से स्वरोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं। ऐपण कला से सजे ये दीये न केवल दीपावली की सुंदरता बढ़ा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और महिला आत्मनिर्भरता का संदेश भी दे रहे हैं।

देवभूमि खबर

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