सेल्फ़ी विद स्कूल अभियान अगले दो दिन रहेगा जारी :आप
देहरादून।सेल्फ़ी विद स्कूल अभियान की सफलता और जनता का इस अभियान में बढ़ चढ़ कर भाग लेने के चलते आप ने अपने इस अभियान को अगले दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया है जिसकी जानकारी आज, आप की प्रदेश प्रवक्ता उमा सिसोदिया और संजय भट्ट ने, आप के प्रदेश कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी दी। उमा सिसोदिया ने सेल्फ़ी विद स्कूल अभियान को जनता द्वारा सफल बनाने पर जनता का आभार जताया । प्रदेश कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में उमा सिसोदिया ने कहा कि, इस अभियान को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है । इसलिए पार्टी ने इस अभियान को पूरे प्रदेश में 2 दिन और चलाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 3 दिन तक चलाए गए सेल्फ़ी विद स्कूल अभियान को लोगों का अपार समर्थन मिला और जनता की मांग पर ही इस अभियान को अगले दो दिन और जारी रखने का फैसला लिया गया है । अब ये अभियान 11,12 जनवरी को भी जारी रहेगा । इस अभियान में प्रदेश के सैकड़ों लोगों ने इससे जुड़ते हुए, उत्तराखंड के बदहाल स्कूलों की तस्वीरें साझा की। लोगों ने जर्जर हो चुके स्कूलों की सैल्फी लेकर इन स्कूलों की सच्चाई समेत सरकार के दावों की पोल भी खोली ।
पहाड और मैदानी क्षेत्रों से सैकड़ों लोगों ने आप पार्टी द्वारा दिए व्हाट्सएप नम्बर पर वीडियो और फोटो डाले। आप पार्टी ने उत्तराखंड में स्कूलों की बदहाली पर जब फैसला जनता के पाले में डाला, तो जनता भी जागरूक होकर अपने आस पास के स्कूलों की हालत और बदहाली पर खुल कर सामने आई और उन्होंने, जर्जर हो चुके स्कूल भवनों की तस्वीरें ले कर व्हाट्सएप के जरिए आप पार्टी द्वारा दिए गए व्ट्सअप नंबर पर भेजी । यही वजह है कि इस अभियान को अगले दो दिन और जारी रखने का फैसला लिया गया है ,जिससे ज्यादा से ज्यादा जर्जर,बदहाल स्कूलों की तस्वीरें जनता द्वारा जनता के बीच आ सके । इसके बाद 15 जनवरी को आम आदमी पार्टी प्रदेश के 13 जिलों में इन बदहाल और जर्जर हो चुके स्कूलों के जनता द्वारा भेजी तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाएगी ,जिसमें इन तस्वीरों को पूरी जानकारी के साथ लगाया जाएगा ,ताकि प्रदेश की जनता भी जान सके,कि आखिर शिक्षा को लेकर दोनों बीजेपी और कांग्रेस की सरकारें कितनी गंभीर थी। इनके जुमलों और जमीनी हकीकत भी इस प्रदर्शनी के जरिए जनता खुद जान जाएगी।
इस दौरान आप प्रदेश प्रवक्ता संजय भट्ट ने कहा, ,इन तस्वीरों को देख कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, कैसे सरकारें शिक्षा व्यवस्था पर बात तो करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत से ये स्कूल कोसों दूर हैं । अगर ऐसे हालात उत्तराखंड के स्कूलों के हैं, तो कैसे कोई माता पिता अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों में पढ़ने भेजेेंगे जहां कभी भी कोई हादसा घटित हो सकता है । पढ़ाई तो दूर की बात यहां हादसों को न्योता देते कई स्कूल सरकार के दावों की पोल खोल रहे हैं । प्रदेश में आज कई ऐसे स्कूल के भवन हैं जो बुरी तरह जर्जर हो चुके हैं,कई ऐसे हैं जहां हालात बेहद खराब हैं आज भी इन स्कूलों में बच्चे और शिक्षक अपनी जान जोखिम में डाल कर पढ़ने और पढ़ाने को मजबूर है । संजय भट्ट ने कहा कि इन तस्वीरों ने बीजेपी सरकार की पोल खोल कर रख दी है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री यह कहते नहीं थकते कि उनकी सरकार ने सरकारी स्कूलों की कायाकल्प कर दी है। लेकिन मंत्रीजी को यह बात समझ लेनी चाहिए कि तस्वीरें कभी झूठ नहीं बोलती हैं। जो तस्वीर आजतक सरकार जनता को दिखा रही थी वो तस्वीरें अब खुद जनता नकार चुकी है। अब जनता ने आप पार्टी के अभियान से जुड कर ये साबित कर दिया है कि प्रदेश की जनता को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता है।
इस अभियान से जुडते हुए लोगों ने,पौड़ी,श्रीनगर,रामनगर,चमोली, विकासनगर, देहरादून, देवप्रयाग, रुद्रपुर, काशीपुर, बाजपुर, चकराता के अलग अलग स्कूलों की वीडियो और तस्वीरें साझा की हैं जो उत्तराखंड सरकार के शिक्षा के प्रति संवेदनहीन होने की कहानी बयां कर रही है। दो दिन और चलने वाले इस अभियान से अभी और भी कई स्कूलों की हकीकत जनता खुद ही सामने लाएगी। जिसके बाद इन सभी तस्वीरों और वीडियों को 15 जनवरी को प्रदेश के सभी 13 जिलों में प्रदर्शनी के माध्यम से आम जनता के लिए प्रदर्शित किया जाएगा ताकि सरकार का झूठ सबके सामने आ सके।

